दिल्ली और आसपास के जो किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) से जुड़े हैं, उनके लिए इस समय सबसे ज़रूरी काम है पीएम किसान ई-केवाईसी ऑनलाइन पूरा करना। ई-केवाईसी (e-KYC) का मतलब है आधार डेटा और पीएम किसान प्रोफ़ाइल का डिजिटल सत्यापन। इस योजना में पात्र किसान परिवारों को साल में ₹6,000 मिलते हैं, जो ₹2,000-₹2,000 की तीन किस्तों (Installment) में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए सीधे बैंक खाते में आते हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के नियम के मुताबिक जिन लाभार्थियों का ई-केवाईसी स्टेटस अपडेट नहीं है, उनकी अगली ₹2,000 की किस्त रोक दी जाती है। इस लेख में मोबाइल पर आधार ओटीपी (OTP), पीएम किसान ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) और सीएससी पर बायोमेट्रिक, तीनों तरीके और स्टेटस चेक (Status Check) की विधि आसान भाषा में समझाई गई है। अपडेट: 10 अक्टूबर 2026।
PM Kisan e-KYC 2026 Online Check
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) |
| संचालन | कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार |
| आर्थिक सहायता | ₹6,000 सालाना (हर चार महीने में ₹2,000) |
| ई-केवाईसी | सभी पंजीकृत लाभार्थियों के लिए अनिवार्य |
| ऑनलाइन पोर्टल | pmkisan.gov.in |
| ऑनलाइन तरीके | आधार ओटीपी और पीएम किसान ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन |
| ऑफलाइन तरीका | सीएससी या सेवा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन |
| हेल्पलाइन (टोल फ्री) | 155261 / 1800115526 |
| जानकारी अपडेट | 10 अक्टूबर 2026 |
पीएम किसान ई-केवाईसी क्यों अनिवार्य है और कौन-सी शर्तें हैं
योजना में फ़र्ज़ीवाड़ा रोकने और मदद सिर्फ़ असली पात्र किसानों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने तीन शर्तें अनिवार्य की हैं। इन तीनों का पूरा होना ज़रूरी है, वरना किस्त का ट्रांसफर रुक जाता है।
- ई-केवाईसी: किसान के आधार डेटा और पीएम किसान प्रोफ़ाइल का डिजिटल सत्यापन।
- आधार बैंक सीडिंग: बैंक खाता आधार से जुड़ा हो और एनपीसीआई (NPCI) पोर्टल पर डीबीटी के लिए सक्रिय हो।
- भूमि सत्यापन (Land Seeding): किसान का भू-लेख यानी ज़मीन का रिकॉर्ड आधिकारिक पोर्टल पर वेरिफ़ाई हो।
अगली किस्त कब आ सकती है, यह जानना चाहते हैं तो हमारी पीएम किसान 24वीं किस्त की संभावित तारीख और लिस्ट की ख़बर भी पढ़ें। वहां किस्त के समय का अनुमान अलग से बताया गया है।
ई-केवाईसी और किस्त रुकने या अटकने के कारण
किस्त अटकने की ज़्यादातर वजहें छोटी होती हैं और घर बैठे सुधारी जा सकती हैं। नीचे सबसे आम कारण दिए गए हैं।
- ई-केवाईसी अधूरा होना: जिस किसान ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया, उसकी अगली किस्त रोक दी जाती है।
- आधार से मोबाइल नंबर लिंक न होना: ऐसी स्थिति में आधार ओटीपी नहीं आता और ऑनलाइन ओटीपी तरीका काम नहीं करता।
- बैंक खाता आधार से सीड न होना: खाता आधार से जुड़ा न हो या एनपीसीआई पर सक्रिय न हो, तो पैसा खाते तक नहीं पहुंचता।
- भूमि रिकॉर्ड का वेरिफ़ाई न होना: ज़मीन का रिकॉर्ड पोर्टल पर सत्यापित न हो, तो भुगतान आगे नहीं बढ़ता।
- पेमेंट स्टेटस में गड़बड़ी: तीनों में से कोई भी सत्यापन अधूरा हो तो स्टेटस में स्टॉप बाय स्टेट (Stop by State) या एफटीओ नॉट जनरेटेड (FTO Not Generated) दिख सकता है।
- स्मार्टफ़ोन या ओटीपी की दिक्कत: ऐसे किसान फेस ऑथेंटिकेशन या सीएससी वाला तरीका चुन सकते हैं।
पीएम किसान ई-केवाईसी कैसे करें: तीन तरीके, स्टेप बाय स्टेप
अगर आपके आधार से सक्रिय मोबाइल नंबर जुड़ा है तो स्मार्टफ़ोन से लगभग दो मिनट में निःशुल्क ओटीपी वाला ई-केवाईसी पूरा हो सकता है। स्टेप 1 से 4 यही तरीका है, स्टेप 5 और 6 दूसरे विकल्प हैं।
स्टेप 1: पोर्टल खोलकर ई-केवाईसी चुनें
मोबाइल ब्राउज़र में pmkisan.gov.in खोलें। होमपेज पर दाईं तरफ़ फ़ार्मर्स कॉर्नर (Farmers Corner) में ई-केवाईसी लिंक पर क्लिक करें।
स्टेप 2: आधार नंबर दर्ज करें
नए पेज पर अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें और सर्च (Search) बटन दबाएं।
स्टेप 3: मोबाइल नंबर वेरिफ़ाई करें
आधार से लिंक 10 अंकों का मोबाइल नंबर भरकर मोबाइल ओटीपी पाएं (Get Mobile OTP) पर क्लिक करें। फ़ोन पर आए 4 अंकों के ओटीपी को डालकर सबमिट करें।
स्टेप 4: आधार ओटीपी से ई-केवाईसी सबमिट करें
अब आधार ओटीपी पाएं (Get Aadhaar OTP) दबाएं। आधार रजिस्टर्ड नंबर पर आए 6 अंकों के ओटीपी को डालें, सहमति वाले बॉक्स पर टिक करें और सबमिट करें। स्क्रीन पर ई-केवाईसी सफलतापूर्वक सबमिट होने का संदेश दिखेगा।
स्टेप 5: ओटीपी न आए तो फेस ऑथेंटिकेशन अपनाएं
गूगल प्ले स्टोर से पीएम किसान मोबाइल ऐप और आधार फेस आरडी (Aadhaar Face RD) ऐप इंस्टॉल करें, फिर आधार नंबर और एमपिन से लॉगिन करें। डैशबोर्ड या लाभार्थी स्टेटस में ई-केवाईसी चुनें, कैमरे की अनुमति दें और पलकें झपकाएं। चेहरा स्कैन होते ही ई-केवाईसी वेरिफ़ाई हो जाता है।
स्टेप 6: स्मार्टफ़ोन नहीं है तो सीएससी जाएं
नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर आधार कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लेकर जाएं। संचालक फ़िंगरप्रिंट या आइरिस स्कैनर से बायोमेट्रिक सत्यापन करेगा और निर्धारित शुल्क देने पर ई-केवाईसी की रसीद मिल जाएगी।
स्टेप 7: ई-केवाईसी स्टेटस जांचें
फ़ार्मर्स कॉर्नर में नो योर स्टेटस (Know Your Status) पर क्लिक करें, रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा भरकर ओटीपी लें। डैशबोर्ड में पात्रता स्टेटस (Eligibility Status) खोलें, जहां ई-केवाईसी, लैंड सीडिंग और आधार बैंक सीडिंग तीनों के आगे YES और हरा निशान दिखना चाहिए।
दिल्ली में पीएम किसान ई-केवाईसी कहां कराएं
दिल्ली के खेती से जुड़े परिवार और दिल्ली-एनसीआर के गांव-देहात के किसान ऑनलाइन तरीका आज़मा सकते हैं। जिनके पास स्मार्टफ़ोन नहीं है, वे अपने ज़िले (जैसे उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी या शाहदरा) के नज़दीकी सीएससी पर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी करा सकते हैं। अपने मोहल्ले या ब्लॉक के सबसे नज़दीकी सीएससी की जानकारी स्थानीय स्तर पर पूछ लें।
भू-लेख या बैंक खाते से जुड़ी दिक्कत हो तो संबंधित ज़िला कार्यालय या अपनी बैंक शाखा से संपर्क करें। ऐसे मामलों में अपने ज़िले के कृषि या राजस्व कार्यालय जाकर भी पूछताछ की जा सकती है। आधार के नाम या मोबाइल की जानकारी सुधारनी हो तो आधार सेवा केंद्र जाना पड़ेगा, इसके लिए हमारा आधार कार्ड नाम-पता बदलने का नया नियम वाला लेख काम आएगा।
तीन तरीकों की तुलना और ज़रूरी तैयारी
| तरीका | किसके लिए सही | ज़रूरी चीज़ें |
|---|---|---|
| आधार ओटीपी (ऑनलाइन) | जिनके आधार से मोबाइल नंबर लिंक है | आधार नंबर, आधार से लिंक मोबाइल, इंटरनेट |
| फेस ऑथेंटिकेशन (ऐप) | जिनका मोबाइल आधार से लिंक नहीं या ओटीपी नहीं आ रहा | स्मार्टफ़ोन, कैमरा, पीएम किसान ऐप, आधार फेस आरडी ऐप |
| सीएससी बायोमेट्रिक (ऑफलाइन) | जिनके पास स्मार्टफ़ोन नहीं है | आधार कार्ड, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, निर्धारित शुल्क |
जाने से पहले आधार कार्ड, रजिस्ट्रेशन नंबर और बैंक खाते की जानकारी साथ रख लें। यह भी देख लें कि बैंक खाता आधार से जुड़ा है और डीबीटी के लिए चालू है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
पीएम किसान ई-केवाईसी ऑनलाइन कैसे करें?
pmkisan.gov.in पर फ़ार्मर्स कॉर्नर में ई-केवाईसी चुनें और आधार नंबर डालें। फिर आधार से लिंक मोबाइल पर आया ओटीपी दर्ज करके ई-केवाईसी सबमिट करें।
क्या ई-केवाईसी के बिना अगली ₹2,000 की किस्त मिलेगी?
नहीं। कृषि मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक ई-केवाईसी पूरा न करने वाले किसानों की अगली किस्त रोक दी जाती है, इसलिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है।
आधार से मोबाइल नंबर लिंक न हो तो ई-केवाईसी कैसे करें?
ऐसे में प्ले स्टोर से पीएम किसान ऐप डाउनलोड करके फेस ऑथेंटिकेशन से ई-केवाईसी करें। चाहें तो नज़दीकी सीएससी पर फ़िंगरप्रिंट बायोमेट्रिक से भी यह काम हो जाता है।
पीएम किसान ई-केवाईसी स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें?
पोर्टल पर नो योर स्टेटस में रजिस्ट्रेशन नंबर डालें। पात्रता स्टेटस में ई-केवाईसी के आगे YES दिखे तो ई-केवाईसी अपडेट माना जाता है।
दिल्ली में पीएम किसान ई-केवाईसी कहां करवाएं?
दिल्ली में आप मोबाइल से घर बैठे ऑनलाइन ई-केवाईसी कर सकते हैं या अपने ज़िले के नज़दीकी सीएससी पर जा सकते हैं। सीएससी पर जाने से पहले आधार कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर साथ रख लें।
नोट: यह जानकारी 10 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। अंतिम पुष्टि के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें।
| आधिकारिक लिंक | उपयोग |
|---|---|
| pmkisan.gov.in | आधिकारिक पोर्टल, फ़ार्मर्स कॉर्नर में ई-केवाईसी और नो योर स्टेटस |
| 155261 / 1800115526 | आधिकारिक हेल्पलाइन (टोल फ्री) |