इंदौर और मालवा क्षेत्र के किसान पीएम किसान 24वीं किस्त (Installment) का इंतज़ार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) में हर पात्र किसान परिवार को साल में तीन बार ₹2,000 यानी कुल ₹6,000 की मदद मिलती है। पिछली यानी 23वीं किस्त 20 जून को किसानों के खातों में आई थी।
पैसा सीधे बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए पहुंचता है, इसलिए बीच में कोई बिचौलिया नहीं होता। इस लेख में 24वीं किस्त की संभावित तारीख, लाभार्थी लिस्ट में नाम और स्टेटस चेक (Status Check) का तरीका, किस्त रुकने की वजहें और धोखाधड़ी से बचने के उपाय एक जगह दिए गए हैं। अपडेट: 12 अक्टूबर 2026।
PM Kisan 24th Installment 2026
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) |
| किस्त | 24वीं किस्त (Installment) |
| किस्त की राशि | ₹2,000 प्रति पात्र किसान परिवार |
| सालाना सहायता | ₹6,000, तीन बराबर किस्तों में |
| पिछली किस्त | 23वीं किस्त, 20 जून को आई थी |
| 24वीं किस्त की स्थिति | संभावित, पक्की तारीख की घोषणा का इंतज़ार |
| भुगतान का तरीका | डीबीटी से सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में |
| लिस्ट और स्टेटस | pmkisan.gov.in पर लाभार्थी सूची और लाभार्थी स्टेटस (Beneficiary Status) |
| ज़रूरी शर्त | ई-केवाईसी, आधार बैंक सीडिंग और भूमि रिकॉर्ड सही होना |
| जानकारी अपडेट | 12 अक्टूबर 2026 |
24वीं किस्त कब आएगी: ₹2,000 की संभावित तारीख
योजना की किस्तें आमतौर पर चार-चार महीने के अंतर पर जारी होती हैं। 23वीं किस्त 20 जून को आई थी, इसलिए इसी अंतर के हिसाब से 24वीं किस्त अक्टूबर या नवंबर 2026 के आसपास संभावित मानी जा रही है। अभी तक सरकार की तरफ़ से कोई पक्की तारीख घोषित नहीं हुई है।
इसलिए किसी भी वायरल मैसेज या वीडियो में लिखी तारीख पर भरोसा न करें। किस्त जारी होने की असली जानकारी सिर्फ़ pmkisan.gov.in और आधिकारिक सूचनाओं से ही मिलती है।
24वीं किस्त की राशि ₹2,000 मानकर चलें, जो आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे आती है। इसलिए खाते की जानकारी और आधार लिंक पहले से ठीक रखें, ताकि घोषणा होते ही पैसा बिना रुकावट पहुंचे।
24वीं किस्त रुकने या अटकने के कारण
हर बार कुछ किसानों के खाते में पैसा नहीं पहुंचता, जबकि पड़ोसी को मिल जाता है। इसके पीछे अक्सर नीचे लिखी बातें होती हैं।
- बैंक खाता आधार से न जुड़ा होना: खाते का आधार से लिंक होना और उसमें डीबीटी की सुविधा चालू होना दोनों ज़रूरी हैं। ऐसा न हो तो पैसा भेजे जाने के बावजूद खाते में नहीं आता।
- ज़मीन के कागज़ात अधूरे या पुराने होना: भूमि के दस्तावेज़ सही और अपडेट न हों तो किस्त अटक सकती है।
- पात्रता की शर्त पर खरे न उतरना: जिनके नाम पर खेती योग्य ज़मीन नहीं है, वे पात्र नहीं माने जाते। सरकारी नौकरी करने वाले, आयकर देने वाले और संस्थागत किसान भी योजना से बाहर रखे गए हैं।
इनके अलावा एक और आम वजह ई-केवाईसी का बाकी रहना है। उसके तीनों तरीके इस लेख में दोहराए नहीं गए हैं, उन्हें पीएम किसान ई-केवाईसी ऑनलाइन करने की गाइड में स्टेप बाय स्टेप पढ़ें।
ज़्यादातर कमियां किसान खुद थोड़े समय में दूर कर सकते हैं। सबसे पहले स्टेटस देखकर पता करें कि रुकावट किस चीज़ की है, फिर उसी के हिसाब से बैंक या भूमि रिकॉर्ड का काम निपटाएं।
लाभार्थी लिस्ट में नाम और किस्त का स्टेटस कैसे देखें
किस्त आई या नहीं, और आपका नाम गांव की सूची में है या नहीं, यह जानने के लिए किसी दफ़्तर जाने की ज़रूरत नहीं है। पोर्टल पर कुछ ही मिनट में जानकारी मिल जाती है।
स्टेप 1: पोर्टल खोलकर लाभार्थी सूची चुनें
मोबाइल या कंप्यूटर पर pmkisan.gov.in खोलें। फ़ार्मर्स कॉर्नर में लाभार्थी सूची (Beneficiary List) का विकल्प चुनें।
स्टेप 2: राज्य, ज़िला और तहसील चुनें
ड्रॉप-डाउन में राज्य के लिए मध्य प्रदेश, ज़िले के लिए इंदौर और फिर अपनी तहसील चुनें।
स्टेप 3: ब्लॉक और गांव चुनकर रिपोर्ट निकालें
अपना ब्लॉक और गांव चुनें, फिर Get Report बटन दबाएं। गांव के लाभार्थियों की सूची खुल जाएगी, उसमें अपना नाम खोजें।
स्टेप 4: लाभार्थी स्टेटस में किस्त की स्थिति देखें
पोर्टल के लाभार्थी स्टेटस (Beneficiary Status) में आधार नंबर या बैंक खाता नंबर डालें। स्क्रीन पर दिखेगा कि किस्त आई है या रुकी है, और रुकी है तो उसका कारण भी वहीं लिखा मिलता है।
किस्त जारी होने से पहले ही सूची और स्टेटस जांच लेने से कमी का पता समय रहते चल जाता है। ई-केवाईसी बाकी दिखे तो ई-केवाईसी के तीन तरीके वाला लेख देखकर उसे पूरा कर लें।
इंदौर के किसान ये काम कहां निपटाएं
इंदौर ज़िले और आसपास के मालवा इलाके के किसान लिस्ट और स्टेटस घर बैठे मोबाइल से देख सकते हैं। तकनीकी दिक्कत आए तो अपने गांव या कस्बे के नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या लोक सेवा केंद्र पर जाएं, वहां यह काम करवाया जा सकता है।
बैंक खाते को आधार से जोड़ने और डीबीटी चालू कराने के लिए अपनी बैंक शाखा में जाकर पूछताछ करें। भूमि रिकॉर्ड की गड़बड़ी हो तो मध्य प्रदेश में तहसील या कृषि विभाग के स्थानीय कार्यालय से संपर्क करना सही रहता है।
पात्रता, बैंक खाते की तैयारी और धोखाधड़ी से बचाव
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए और उसके नाम पर खेती योग्य ज़मीन होनी चाहिए। साथ ही बैंक खाता आधार से जुड़ा हो और उसमें डीबीटी चालू हो।
- आधार कार्ड और उससे जुड़ा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर साथ रखें।
- ज़मीन के कागज़ात अपडेट रखें।
- नियमित अंतराल पर अपना स्टेटस देखते रहें।
कई ठग सरकारी अधिकारी बनकर फ़ोन करते हैं और आधार नंबर, बैंक जानकारी या ओटीपी मांगते हैं। याद रखें कि सरकार फ़ोन पर ऐसी गोपनीय जानकारी आम तौर पर नहीं मांगती। ऐसा कॉल आए तो तुरंत फ़ोन काट दें और पुलिस को सूचना दें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
पीएम किसान की 24वीं किस्त कब आएगी?
23वीं किस्त 20 जून को आई थी। चार महीने के अंतर के हिसाब से 24वीं किस्त अक्टूबर या नवंबर 2026 के आसपास संभावित है, पर पक्की तारीख की घोषणा का इंतज़ार है।
24वीं किस्त में कितने रुपये मिलेंगे?
हर पात्र किसान परिवार को ₹2,000 मिलेंगे। यह राशि साल में तीन बार, यानी कुल ₹6,000 सालाना, डीबीटी से सीधे बैंक खाते में आती है।
पीएम किसान की किस्त का स्टेटस कैसे चेक करें?
pmkisan.gov.in पर लाभार्थी स्टेटस में अपना आधार नंबर या बैंक खाता नंबर डालें। किस्त आई है या रुकी है और रुकने का कारण भी वहीं दिखाई देता है।
पीएम किसान की लिस्ट में अपना नाम कैसे देखें?
pmkisan.gov.in पर फ़ार्मर्स कॉर्नर में लाभार्थी सूची खोलें। राज्य, ज़िला, तहसील, ब्लॉक और गांव चुनकर Get Report दबाएं, फिर सूची में अपना नाम खोजें।
इंदौर में पीएम किसान की दिक्कत लेकर कहां जाएं?
इंदौर में लिस्ट या स्टेटस जैसे काम के लिए नज़दीकी सीएससी या लोक सेवा केंद्र जाएं। खाते की दिक्कत हो तो बैंक शाखा में और ज़मीन के रिकॉर्ड की दिक्कत हो तो तहसील या कृषि कार्यालय में संपर्क करें।
नोट: यह जानकारी 12 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। अंतिम पुष्टि के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें।
| आधिकारिक लिंक | उपयोग |
|---|---|
| pmkisan.gov.in | आधिकारिक पोर्टल, लाभार्थी सूची और लाभार्थी स्टेटस |